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LIVE : गणतंत्र दिवस परेड का राजपथ से सीधा प्रसारण।

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दिवाली के बोनस में मिली कार

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Image Credit गुजरात के सूरत में एक और बार डायमंड किंग सावजी ढ़ोलकिया ने दिवाली पर धमाका किया है। अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस देकर अपने 600 कर्मचारियों को दिवाली बोनस में एक कार देने का फैसला किया है। सूरत सहित देश-विदेश में "हरे कृष्णा डायमंड एक्सपोर्ट" कंपनी के नाम से हीरे का कारोबार करते है। कर्मचारियों के लिए और भी बड़ी ख़ुशी की बात यह रही की जहा उनके बॉस ने उनको एक गाड़ी तोहफे में दी वही उस गाड़ी की चाबी सूरत में आये भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उनको दी गयी। Image Credit - ABP News सावजी ढ़ोलकिया की कंपनी हीरों के एक्सपोर्ट का काम करती है। गुजरात के सूरत में कंपनी का मुख्यालय है। 2005 में इस कंपनी ने "कृष्णा" नाम का ब्रांड निकाला था जिसके देश भर में करीब 6000 स्टोर है। कंपनी हर महीने करीब 40 हज़ार कैरट के जेवरात तैयार करती है और दुनिया के 70 से ज़्यादा देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी का सालाना 6000 करोड़ रूपए का टर्न ओवर है। सावजी ढ़ोलकिया का कहना की उन्हें कार गिफ्ट करते हुए अच्छा लग रहा है और यदि वे कर्मचारियों को इस प्रकार के बोनस ...

हिन्दी दिवस आज

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Image Credit   हिन्दी के ऐतिहासिक अवसर को याद करने के लिये हर साल 14 सितंबर को पूरे देश में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसको हिन्दी दिवस के रुप में मनाना शुरु हुआ था क्योंकि वर्ष 1949 में 14 सितंबर को संवैधानिक सभा के द्वारा आधिकारिक भाषा के रुप में देवनागरी लिपी में लिखी हिन्दी को स्वीकृत किया गया था। हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है ? देश में हिन्दी भाषा की महत्ता को प्रदर्शित करने के लिये पूरे भारत में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। भारत में हिन्दी भाषा का बड़ा इतिहास है जो इंडों-यूरोपियन भाषा परिवार के इंडों-आर्यन शाखा से संबद्ध रखता है। भारत की सरकार ने देश की आजादी के बाद मातृभाषा को आर्दश के अनुरुप बनाने के लिये एक लक्ष्य बनाया अर्थात हिन्दी भाषा को व्याकरण और वर्तनीयुक्त करने का लक्ष्य। इसे भारत के अलावा मॉरीशस, पाकिस्तान, सुरीनाम, त्रिनिदाद और कुछ दूसरे देशों में भी बोली जाता है। इसे 258 मिलीयन लोगों द्वारा मातृभाषा के रुप में बोली जाती है और ये दुनिया की 5वीं लंबी भाषा है। 14 सितंबर प्रत्येक वर्ष एक कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है,क्योंकि भारत की संविधान सभा द्...

नारी शक्ति पुरस्कार 2018 के लिए नामांकन शुरू

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार 2018 के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। नामांकन के लिए पात्रता मापदण्ड: • महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी व्यक्ति और संस्थाएं पात्र • वैयक्तिक आवेदक कम से कम 28 वर्ष की आयु पूरी कर चुके है। • संस्थाओं को प्रासंगिक क्षेत्र में कम से कम 5 वर्ष का अनुभव प्राप्त हो अधिक जानकारी के लिए, जाए - http://wcd.nic.in/award आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख : 31 अक्टूबर 2018 पिछला समाचार कानोड़ मित्र मंडल की वार्षिक बैठक हुई सम्पन्न   (पूरा पढ़े  >) कानोड़ : बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज  (पूरा पढ़े  >) डूंगला : हाल ही में बने शनिदेव मार्ग की सड़क फिर टुटी    (पूरा पढ़े  >) कानोड़ : मां सत्य जी में शिव मंदिर के प्रांगण में लगे रोलिंग व टीन शेड  (पूरा पढ़े  >) बंबोरा की छात्रा का राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में चयन  (पूरा पढ़े  >) भीण्डर: झडू बांध पर चादर चली  (पूरा पढ़े  >) अ...

विघ्नहर्ता श्री गणेशा का आगमन

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Image Credit गणेश चतुर्थी के दिन ही बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्‍य के देवता भगवान गणेश का जन्‍म हुआ था। इस पर्व को देश भर में खास तौर से महाराष्‍ट्र और मध्य प्रदेश में बेहद उत्‍साह के साथ मनाया जाता है। 10 दिन तक चलने वाला यह उत्‍सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्‍त होता है। गणेश चतुर्थी के दिन भक्‍त प्‍यारे बप्‍पा की मूर्ति को घर लाकर उनका सत्‍कार करते हैं। फिर 10वें दिन यानी कि अनंत चतर्दशी को विसर्जन के साथ मंगलमूर्ति भगवान गणेश को विदाई जाती है। साथ ही उनसे अगले बरस जल्‍दी आने का वादा भी लिया जाता है। जानिए गणेश जी को क्यों चढ़ाया जाता है मोदक? पुराणों में मोदक का वर्णन है। मोदक का अर्थ होता है आनंद (खुशी) और भगवान गणेश को हमेशा खुश रहने वाला माना जाता है। इसी वजह से उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है। मोदक को ज्ञान का प्रतीक भी माना जाता है और भगवान गणेश को ज्ञान का देवता भी माना जाता है। इसलिए भी उनको मोदक का भोग लगता है। गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है? हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार भाद्रपद यानी कि भादो माह की शुक्‍ल पक्ष चतुर्थी को भगवान गणेश का ज...

कानोड़: महिलाओं ने मनाया बछ बारस का त्योहार

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हर साल की तरह, इस साल भी कानोड़ नगर में उत्साह के साथ मनाया गया बछ बारस त्योहार। बछ बारस प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन मनाया जाता है इसलिए इस गोवत्स द्वादशी भी कहते है। भगवान कृष्ण के गाय और बछड़ो से बड़ा प्रेम था इसलिए इस त्यौहार के दिन गायो और बछड़ो की पूजा की जाती है। इस दिन विवाहित महिलाये पुत्र प्राप्ति और मंगल कामना के लिए व्रत करती है। इस दिन अंकुरित चने, मटर, मुंग आदि का सेवन किया जाता है। मान्यता के मुताबिक, आज के दिन गाय के दूध और उससे बनी वस्तुओ, गेहू, कटी हुयी सब्जियों और फलों का सेवन नही किया जाता। पूजन की विधी पूजा के लिए भैंस का दूध और दही, भीगा हुआ चना और मोठ लेकर इसमें मोठ-बाजरे में घी और चीनी मिलाकर, गाय के रोली का टीका लगाकर चावल के स्थान पर बाजरा लगाया जाता हैं। बायने के लिए एक कटोरी में भीगा हुआ चना, मोठ, बाजरा और रुपया रखे। इस दिन बछड़े की पूजा की जाती है यदि गाय की पूजा नही कर सकते तो एक पाटे पर मिटटी से बछबारस बनाते है और उसके बीच में एक गोल मिटटी की बावडी बनाते है। उसे थोडा दूध दही से भर कर फिर सब ...

5 सितम्बर : शिक्षक दिवस

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Image Credit - TimesofIndia आज 5 सितम्बर है, और यह दिन प्रत्येक वर्ष हम बड़े उत्साह और उल्लास के साथ शिक्षक दिवस के रुप में मनाते हैं। हर साल 5 सितम्बर, सम्पूर्ण भारत में शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। वास्तव में, 5 सितम्बर, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है, जो महान विद्वान और शिक्षक थे। अपने बाद के जीवन में वे गणतंत्र भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति बने। पूरे देश के विद्यार्थी इस दिन अपने शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए मनाते हैं। यह सही कहा गया है कि, शिक्षक हमारे समाज की रीढ़ की हड्डी होते हैं। वे विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करते हैं और उन्हें देश के आदर्श नागरिक के आकार में ढालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुःसाक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम: ॥ एक शिक्षक समाज का मार्गदर्शिक है। शिक्षक एक पीढ़ी को विकसित करते हैं और यही पीढ़ी भविष्य में राष्ट्र को चलाती है। इस प्रकार, मूल रूप से वह शिक्षक है जो राष्ट्र बनाने के लिए नींव रखता है। एक शिक्षक की भूमिका ऐसे कोच...

पढ़ें शिक्षक दिवस से जुड़ी ये बातें

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डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को 1962 से शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अपने छात्रों से जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा जताई थी। यहां पढ़ें शिक्षक दिवस से जुड़ी ये बातें: 1. 1962 में देश के राष्ट्रपति बने डॉक्टर राधाकृष्णन एक महान शिक्षाविद् और शिक्षक के रूप में दुनियाभर में जाने जाते हैं। 2. डॉक्टर राधाकृष्णन के पिता उनके अंग्रेजी पढ़ने या स्कूल जाने के खिलाफ थे। वह अपने बेटे को पुजारी बनाना चाहते थे। 3. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन बेहद ही मेधावी छात्र थे और उन्होंने अपनी अधिकतर पढ़ाई छात्रवृत्ति के आधार पर ही पूरी की। 4. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रों में इतने लोकप्रिय थे कि जब वह कलकत्ता जा रहे थे, उन्हें मैसूर विश्वविद्यालय से रेलवे स्टेशन तक फूलों की बग्घी में ले जाया गया था। 5. जाने—माने प्रोफेसर एच.एन.स्पेलडिंग डॉक्टर राधाकृष्णन के लेक्चर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय में उनके लिए चेयर स्थापित करने का फैसला कर लिया। 6. शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर राधाकृष्णन के अभूतपूर्व योगदान के लिए 1931 में उन्हें ब...

ऐसा होगा 100 रुपये का नया नोट

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भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 100 रुपये का नया नोट सर्कुलेशन में भेजने वाला है. 100 रुपये का ये नया नोट बैंगनी रंग का होगा. आरबीआई ने इसका फोटो भी जारी कर दिया है. 100 रुपये का यह नया नोट महात्मा गांधी सीरीज में जारी होगा. इस नोट पर गुजरात की रानी की वॉव का फोटो लगा होगा. इस नोट के डिजाइन को पुराने 100 रुपये के नोट के आस-पास ही रखा गया है. इस बैंक का डाइमेंशन 66mm x 142 mm है. इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि 100 रुपये के पुराने जितने भी नोट हैं, वे भी चलन में बने रहेंगे. बता दें कि जब भी भारतीय रिजर्व बैंक कोई नया नोट जारी करता है, तो लोगों तक पहुंचने में उसको समय लगता है. आरबीआई नये नोटों को बैंक‍िंग चैनल के जरिये लोगों के बीच भेजता है. इस तरह नये नोट की सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ती है. ये हैं फीचर: नोट के सामने वाले भाग में ये फीचर जोड़े गए हैं. इसमें - देवनागरी में 100 लिखा हुआ है. - नोट के केंद्र में महात्मा गांधी की तस्वीर है. - छोटे अक्षरों में 'RBI', 'भारत', 'India' और '100' लिखा हुआ है. - सुरक्षा के भी पक्के उपाय किए गए हैं. इसके लिए इस ...

बाल कृष्ण की अद्भुत लीलाएं

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भगवान बाल कृष्णा  श्री कृष्णा के जन्म की कथा: श्री कृष्ण का जन्म उत्तरी भारत में लगभग 5000 साल पहले हुआ था। पुराणो के अनुसार श्री कृष्ण के जीवन को द्वापर युग के अंत समय में जन्म लिया और कलियुग के शुरुआत होने तक वे पृथ्वी पर रहे । माखन चोरी करने वाले नटखट बाल कृष्ण का जन्म अपने माता-पिता देवकी और वासुदेव को मुक्त कराने के लिए जेल में हुआ । अपने जन्म के समय, उनका जीवन खतरे में था क्योंकि मामा कंस उसे जन्म होते ही मारने के लिए तैयार बैठे थे। यह आकाशवाणी हुई थी कि देवकी की आठवीं संतान कंस का वध करेगा। श्रीकृष्ण आठवें पुत्र थे, जब उनका जन्म हुआ तो अचानक कारगर के सभी सुरक्षा कर्मी सो गए और सारे द्वार खुल गए, तब वासुदेव बालक कृष्ण को अपने मित्र नन्द के घर गोकुल छोड़ आये। नंद एक साधारण जीवनशैली जीते थे और स्थानीय ग्वालो के समुदाय में प्रमुख थे। बाल श्रीकृष्ण अपने नटखट स्वाभाव से सबको तंग करते, उनके माखन चोरी के किस्से तो सुप्रसिद्द है, कभी वे माखन चुरा कर कहते तो कभी गोपियों की मटकी से माखन गिरा के भाग जाते, तो कभी अपनी बांसुरी की धुन से सबको मंत्र मुग्ध कर लेते, लोग कहते है...

श्री कृष्णा जन्माष्टमी के व्रत का महत्व

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Image Credit - livehindustan श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार हर वर्ष बहुत उल्लास और उमंग के साथ मनाते है। यह त्यौहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का भी बहुत महत्व है।  कहते है की भगवन श्रीकृष्ण का जन्म मनुष्य के कष्टों के निवारण और उनके कल्याण करने के लिए हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण पृथ्वी के पालनकर्ता भगवन विष्णु के आठवे अवतार माने जाते हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत और पूजन का भी खास महत्व है। लोग श्री कृष्ण जैसे पुत्र की प्राप्ति के लिए इस दिन उपवास करते हैं । अष्टमी के दिन भगवान कृष्ण ने लिया जन्म  जन्माष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी, सैटम आथम, गोकुलष्टमी, अष्टमी रोहिणी, श्रीकृष्ण जयंती और श्री जयंती भी कहा जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म सावन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की रात को हुआ था। भगवान कृष्ण ने भक्तों की रक्षा करने के लिए अष्टमी की आधी रात को जन्म लिया था। श्रीकृष्ण ने गुरू, प्रभु, प्रेमी और बाल रूप आदि अनेक रूपों में लोगों का मन मोहा और अपने भक्तों का मार्गदर्शित किया।...

प्रधानमंत्री ने किया इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक लॉन्च

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 'इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक' (आईपीपीबी) को लॉन्च किया। आईपीपीबी की देशभर में 650 शाखाएं और 3250 एक्सेस प्वाइंट हैं, जहां समानांतर रूप से शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के साथ 20 लाख लोग जुड़े हुए हैं। इनके साथ कई मंत्री, विधायक और सांसद समेत अन्य नेता मौजूद हैं। आईपीपीबी को लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक सितम्बर 2018 को देश के इतिहास में एक अभूतपूर्व सुविधा की शुरुआत होने के रूप में याद किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर में सभी 1.55 लाख डाकघर 31 दिसंबर 2018 तक आईपीपीबी प्रणाली से जुड़ जाएंगे। Image Credit - NDTV.COM  उदयपुर मंडल में दो शाखाएं और आठ एक्सेस प्वाइंट है। शास्त्री सर्कल स्थित शाखा और चार एक्सेस प्वाइंट उदयपुर प्रधान डाकघर, डबोक उपडाकघर, बलीचा शाखा डाकघर एवं खेड़ी शाखा डाकघर है। इसी प्रकार कांकरोली मुख्य डाकघर में रेलमगरा उपडाकघर, बामनिया कला शाखा डाकघर, बनेड़िया शाखा डाकघर एवं फरारा शाखा डाकघर है।

बढ़ती डीज़ल कीमत, बढ़ती मुश्किलें

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Image Credit - krishijagran.com जहां सरकार किसानों को लागत कम होने का वादा कर रही थी उसी बीच डीज़ल की आसमान छूती कीमतों ने किसानों को मुश्किलों में डाल दिया है। इसके कारण फसल की लागत भी बढ़ गई है। इस कारण रबी फसल पर असर पड़ेगा और उसके महँगे होने की भी आसार हैं। "दिसंबर तक बढ़ती कीमत तो न होती दिक्कत" राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद आनंद के मुताबिक डीज़ल की बढ़ती कीमतों की वजह से ट्रेक्टर में डीज़ल का उपयोग कम होगा जिसका सीधा असर रबी फसल पर पड़ेगा। कुछ दिनों पहले ही डीज़ल की कीमत 20% बढ़ी है और अब 40% बढ़ने की आशंका है। अगर डीज़ल की कीमत दिसंबर में बढ़ी होती तो कोई दिक्कत न होती पर अभी फसल का उगने का समय है, जिसके कारण फसल के दाम अवश्य बढ़ेंगे।

टॉयलेट के पानी से चलेंगी बसें

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आज के समय में वैकल्पिक ईंधन को लेकर नए नए प्रयोग सामने आ रहे हैं| इनमें से एक टॉयलेट के पानी से बायो सीएनजी निकालकर उससे बस चलाने की योजना है| अभी ऐसी 50 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं| केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली तेल व गैस कंपनियों के साथ एक करार किया गया है जिसके तहत गंगा किनारे बसे 26 शहरों में सिटी बसें चलाई जाएंगी| पानी से निकलने वाली मीथेन गैस से बायो सीएनजी तैयार की जाएगी| इससे कम से कम 5 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा और गंगा नदी की सफाई भी होगी|  इसके साथ ही कोयले से मीथेन निकालकर मुंबई, पुणे व गुवाहाटी में सिटी बस चलाने की तैयारियां चल रही हैं| मीथेन की कीमत डीजल के मुकाबले ₹16 लीटर है| इससे पहले भारत के विमानन उद्योग में भी बायोफ्यूल विमान ने देहरादून से दिल्ली के बीच उड़ान भर ली है| आने वाले दिनों में बायोफ्यूल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा|

केबीसी स्टार: "करोड़पति रंगरेज़"

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कानोड़ के श्री ताज मोहम्मद रंगरेज़ ने अमिताभ बच्चन द्वारा आयोजित "कौन बनेगा करोड़पति" के सातवें सीज़न में "1 करोड़ रुपये" जीतकर इतिहास बनाया है। ताज मोहम्मद रंगरेज़ का जन्म बहुत गरीब परिवार में हुआ था। अपने पिता की मृत्यु के बाद, परिवार के लिए दो वक्त की रोटी पाना भी मुश्किल हो गया था । परिवार की ज़िम्मेदारी उनके ऊपर थी। अपनी मां और बहन का समर्थन करने के लिए रंगरेज अपने बचपन के शुरुआती दिनों कबाड़ी की में दुकान पर और अन्य छोटे मोटे काम करना शुरू कर दिया था | उन्होंने जवाहर विद्यापीठ, कानोड़ से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और प.उदय जैन हाईस्कूल, कानोड़ से उच्च  शिक्षा पूरी की। उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई  नहीं  छोड़ी और बहादुरी के साथ कठिनाइयों का सामना किया और फतेहनगर के एक सरकारी स्कूल में इतिहास के  शिक्षक बन गए। उन्होंने शहनाज बेगम से विवाह किया और उनकी बेटी है जो आंशिक दृष्टि से पीड़ित थी, लेकिन हाँ! इस जीत ने उन्हें अपनी बेटी को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संकाय के साथ इलाज करने में मदद की। एक करोड़ की जीत वह पांचवें सीजन के बाद से इस रियलिटी शो में भाग लेने क...

अब आधे दाम पर मिलेंगे ग्लूकोमीटर

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मधुमेह मापने वाले ग्लूकोमीटर जो बाजारों में निजी कंपनियों द्वारा महंगे दामों पर बिकते थे, अब सरकार द्वारा आधे कीमतों में जेनेरिक केंद्रों को प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में, देश के लगभग 3940 जेनेरिक केंद्र 650 जिलों में हैं और लगभग सभी केंद्रों तक ग्लूकोमीटर पहुंच गया है। सरकार ने 448 रुपये की कीमत तय कर दी है। इसके साथ ही 25 स्ट्रिप का एक पैक मुफ्त में मिलेगा। एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाने वाले इन स्ट्रिप पर अब मरीज हर माह 500 रुपए की बचत कर सकते है। मैक्स अस्पताल के डॉक्टर डॉ राजनीश मल्होत्रा बताते हैं कि जिन मरीजों को रक्तचाप से संबंधित समस्याओं के साथ मधुमेह है, उन्हें हर दूसरे दिन मधुमेह की जांच कराना जरूरी है, जो ग्लूकोमीटर या स्ट्रिप के माध्यम से संभव है। अब तक चीन जापान और कोरिया के उपकरण ही बाजार में उपलब्ध थे। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के सीईओ सचिन सिंह ने कहा कि जेनेरिक दवाओं ने मरीजों की काफी मदद की है। वर्तमान में, हर घर में मधुमेह और रक्तचाप संबंधी बीमारियों वाले मरीज मौजूद हैं। सीईओ सचिन ने कहा कि जल्द ही थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर परीक्षण उपकरण आधे क...

कलाम इग्नाइट पुरुस्कार

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नन्हे कलाम की खोज में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन अब ऐसे बच्चों को सम्मानित करेगा जिनके पास समाज को बेहतर बनाने के लिए कुछ अनोखे सुझाव हैं। यह 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए है जो समाज को अपने तकनीकी, रचनात्मक विचारों से बेहतर बनाना चाहते हैं। सर्वश्रेष्ठ रचनात्मक आईडीयाज को एपीजे अब्दुल कलाम आज़ाद इग्नाइट अवार्ड दिया जाएगा। बच्चे अपने आईडीयाज फॉर्म के साथ 31 अगस्त तक ignite@nifindia.org पर ईमेल कर सकते हैं।

गुरु पूर्णिमा आज

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गुरु पूर्णिमा हिंदुओं और बौद्धों का एक पारंपरिक भारतीय त्यौहार है। यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ के महीने में पूर्णिमा दिवस पर मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा महान ऋषि व्यास की पवित्र स्मृति में मनाया जाता है, प्राचीन संत जिन्होंने चार वेदों को संकलित किया, उन्होंने 18 पुराण, महाभारत और श्रीमद् भगवत को लिखा। दिन को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है। एक गुरु (शिक्षक) एक छात्र के जीवन को मोल्ड करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय परंपरा एक छात्र के जीवन में गुरु (शिक्षक) के सकारात्मक प्रभाव को व्यापक रूप से स्वीकार करती है। एक शिक्षक को छात्र के जीवन से अंधेरा (अज्ञानता) को दूर करने के लिए माना जाता है। एक धन्य छात्र वह है जिसने अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस दिन 'गुरु' यानी एक शिक्षक के सम्मान के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। वह दिन भक्तों द्वारा मनाया जाता है जो अपने प्यारे गुरुओं को पूजा (पूजा) देते हैं। गुरु पूर्णिमा के शुभ दिन का एक बड़ा महत्व है क्योंकि सभी जानते हैं कि वास्तविक जीवन में गुरु (शिक्षक) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन...

बांझपन का कारण- सैनिटरी नैपकिन न इस्तेमाल करना

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भारत की पूरी जनसंख्या में से 48.5% महिलाएं है और सैनिटरी नैपकिन हर महिला की आवश्यकता है। लेकिन गौर किया जाए तो पता चलता है कि बस 18% महिलाएं ही सैनिटरी नैपकिन का उपयोग कर पाती है, और बाकी अभी भी घास, चारा, राख का उपयोग करती हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। दुष्प्रभावों के कारण, लगभग 5% महिलाओं को बांझपन का सामना करना पड़ता है। पीरियड्स के दौरान बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते है और बच्चेदानी और रक्त नसों के माध्यम से बैक्टीरिया अंडाशय तक पहुंच जाता है जो संक्रमण फैलाता है। इस संक्रमण के कारण, कई बार बच्चेदानी को हटाया जाना पड़ सकता है। गत वर्ष सैनिटरी नैपकिन को जीएसटी के अन्तर्गत लक्जरी वस्तु का वर्गीकरण कर 12% जीएसटी लगाया गया था जिसकी बहुत निंदा की गई। 28 वीं जीएसटी की बैठक में शनिवार को कई उत्पादों पर जीइसटी कटौती को मंजूरी दे दी गई जिसमें सैनिटरी नैपकिन पर जीएसटी शून्य हो गया है। यह परिषद द्वारा एक बहुत ही उल्लेखनीय कदम है क्यूंकि सैनिटरी नैपकिन हर महिला की जरूरत है।
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