बेमौसम बारिश से भीण्डर, कानोड़, मेनार, रुण्डेड़ा, नवानिया में फसले बर्बाद


बारिश ने किया किसानों की नाक में दम

अन्धड से फसल ख़राब होने की जानकारी करने पर सामने आया कि वल्लभनगर, भीण्डर, कानोड तहसील में 11500 हेक्टर भूमि में गेहूं की बुवाई हुई, जिसके लिए दो तिहायी किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में सहकारी समिति एवं बैकों से भूमि अनुसार ऋण लिए और ऋण के पैसों से उन्होंने खाद, बीज ख़रीदे एवं खेतों में ट्रेक्टरों के माध्यम से निराई- गुडाई कर फसलों की बुवाई की। बुवाई के समय कई किसानों के कुओं में पानी ठीक था लेकिन बाद में कुओं का जल स्तर अचानक गिर जाने से फसल सूखने के कगार पर आयी तो किसानों ने खेतों पर टयूबवेल खुदवाने शुरू किए जिसमें कई किसानों के टयूबवेलो में बिलकुल पानी नहीं आया और किसी के आया तो वह पिलाई के योग्य नही होने से वह अपनी फसल को पानी नही दे सके जिससे 10 बीघा में से आधी फसल उखाड कर मवेशियों को खिलानी पडी और आधी फसल को पानी दिया लेकिन अन्तिम पाण नही दे पाए जिससे गेहूं के दाने की मोटाई कम हो गयी और उत्पादन में कमी आयी। जिससे 50 फीसदी फसल ख़राब हुई वही सरकार ने गिरदावरी रिपोर्ट में 10 प्रतिशत खराब बताया है ऐसी स्थिति में भी किसानों ने आधे गेहूं तो काट लिए और  आधे गेहूं मे से दो- तिहायी खेत में खडे रहे और एक तिहायी काट दिए पर बरसात होने से सारे गेहूं गीले हो गए तो दाने का रंग बदल गया, क्वालिटी बदल गयी और गेहूं की कीमत से 20 प्रतिशत दर में कमी आ गयी ऐसे में किसान ने दिन रात खेत की पाली पर सोने के बाद फसल को रोजडों से बचाकर उत्पादन किया तो नही के बराबर उत्पादन मिला और बरसात के डर से किसान दिन रात एक कर फसल को सुरक्षित रखने में लगे हुए हैं फसल खराबी के बारे में मुख्यमंत्री ने समस्त जिला कलक्टर से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दे दिए है।



मेनार, रुंडेडा का नुकसान

अन्धड, बारिश और ओलावृष्टि के रूप में आई आसमानी आफत के चलते दो दिन मे उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के मेनार, रुंडेडा, नवानिया मे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस बारिश से फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचा है खेत मे खड़ी फसल नष्ट हो गयी तो कही मंडियों मे बिक्री के लिए ले जाई गयी उपज भी बारिश से भीगने के कारण पूरी तरह खराब हो गयी । रुंडेडा के सुखलाल जणवा ने बताया कि उनके साढ़े तीन बीघा जमीन मे गेहूं की फसल काश्त की हुई थी लेकिन इस बारिश से खेत मे खड़ी गेंहू की फसल आधे से ज्यादा आड़ी पड़ गयी जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है भेरुलाल जणवा ने बताया कि उनके 6 बीघा जमीन पर गेंहू और 2 बीघा जमीन पर जौ की फसल काश्त की लेकिन अचानक इस प्रकृति के प्रकोप से फसल खराब हो गयी, मेनार के नर्बदाशंकर दियावत ने बताया कि वह विद्यार्थी होकर खेती भी करता है और उसने 5 बीघा जमीन पर गेंहू की बुवाई की और पिछले साढ़े तीन महीने से दिनरात कुँए पर रहकर गेंहू की फसल को नीलगाय से एवं आवारा पशुओं बचाया तब जाकर गेंहू की फ़सल पक कर तैयार हो पाई इतने मे बेमौसम बारिश होने से उसके 50 क्विंटल से ज्यादा उपज होने की संभावना थी लेकिन इस बारिश की वजह से नर्बदा शंकर को करीबन 35 हज़ार तक नुकसान हुआ है ।

इस बारे में तहसीलदार संदीप अरोडा ने बताया कि पटवारियों से फसल खराबे को लेकर सर्वे करवाया जिसमें 10 प्रतिशत खराबा होने की पुष्टि हुई जिसकी रिपोर्ट भेज दी है। मुआवजा का निर्धारण सरकार स्तर पर होना है।

रिपोर्ट - सुरेश मेनारिया 
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