आज छठे दिन भी धरने पर डटे रहे हजारों ग्रामीणों, अपनी मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
भींडर। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -76 पर शीशम की घाटी अंडरपास की मांग को लेकर हजारों की संख्या में ग्रामीणों द्वारा छठे दिन भी धरना निरन्तर जारी रखा गया। अंडरपास मांग संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि करीब तीन माह पूर्व ग्रामीणों द्वारा शीशम की घाटी अंडरपास को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सामने मांग उठाई गई थी, जिस पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के विशिष्ट दल के निष्पक्ष इंजीनियरों द्वारा पुनः सर्वे किया गया। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक शिशम की घाटी अंडरपास की मांग को वाजिब एवं जायज बताया। साथ ही सिफारिश में बताया गया कि हरिप्रिया पेट्रोल पंप मधुफला के पास प्रस्तावित अंडरपास का ज्यादा महत्व नही बताया गया था इस वजह से उसे शिफ्ट कर शीशम की घाटी गाड़वा रोड पर बनाना बताया गया था, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पुनः सर्वे की रिपोर्ट जारी हुए 55 दिन व्यतीत होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नही की जा रही है तथा ग्रमीणों की मांग को निरंतर अनसुना किया जा रहा है।
आज धरने प्रदर्शन में शीशम की घाटी अंडरपास की मांग और समर्थन में स्थानीय ग्राम पंचायतें जो इस अंडरपास से लाभान्वित होंगी उनके
जन-प्रतिनिधियों द्वारा भी सहमति एवं अपना समर्थन पत्र शीशम की घाटी अंडरपास संघर्ष समिति को धरना स्थल पर आकर सौंपा गया जिसमे प्रमुख रूप से- ग्राम पंचायत सरपंच -मेड़ता, श्रीमति कंचन कुंवर पति खेमसिंह, बिछड़ी से श्री बाबूसिंह, तुलसीदास जी की सराय से श्री वेणीराम गमेती, डबोक से श्री शंकरलाल पालीवाल, गुडली से श्री दूदा राम डांगी, व मावली भाजपा मंडल के अध्य्क्ष श्री जवान सिंह जी, एवं बिछड़ी पूर्व सरपंच श्री कमल सिंह इत्यादि का समर्थन जताया गया ।
प्रशासन द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई तथा न ही संघर्ष समिति को कार्रवाई से स्पष्ट अवगत कराया गया। संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि 18 से 20 गांव के ग्राम वासियों जिसमें विद्यार्थी, महिलाएं, बुजुर्ग ग्रामीण इत्यादि को भयंकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं अंडर पास को लेकर अपनी रोजी-रोटी छोड़ कर ग्रामीण इसके लिए धरने पर बैठे हुए हैं। धरने के छठे दिन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मतदान बहिष्कार करने एवं अपने रिश्तेदारों एवं संबंधियों तथा पड़ोसी ग्राम वासियों द्वारा भी मतदान नही करने की अपील की जाएगी। शीशम की घाटी अंडरपास संघर्ष समिति के सदस्यो ने बताया कि इस मांग को लेकर आसपास के करीब 50-60 गाँवों के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करने में अपना समर्थन दिया है साथ ही निर्णय लिया कि यदि शीशम की घाटी-गाड़वा रोड पर अंडरपास की मांग को स्वीकारा नही जाता है तो ग्रामीणों द्वारा उग्र आंदोलन किया जायेगा। एवं लगभग 80 से ज्यादा गाँवों के ग्रामीणों के लगभग 50 हजार से भी ज्यादा वोटर एक साथ चुनाव का बहिष्कार करने का तथा मतदान नही करने का संकल्प लिया जा सकता है।
रिपोर्ट - जयदीप चौबीसा


