कई वर्षों से खस्ताहाल है भीण्डर - पाणुन्द मार्ग
भीण्डर - पाणुन्द मार्ग कई वर्षो से खस्ताहाल है। जिसकी वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियो व वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 8-10 वर्ष से अधिक समय के बाद भी भीण्डर -पाणुन्द मार्ग बुरी तरह से खस्ताहाल नजर आ रहा है। लेकिन समस्या जस कि तस है।8-10 वर्ष से अधिक लंबे समय के अंतराल के बाद भी मार्ग खस्ताहाल है। जिसकी वजह से वाहन चालक को परेशान होना पड़ रहा है। वही भीण्डर तहसील क्षेत्र होने के कारण हर रोज ग्रामीणो का आना -जाना रहता है। लेकिन खस्ताहाल सड़क होने के कारण अब कोई भीण्डर नहीं जाना चाहता है। सड़क कि स्थिति देखकर व्यापारी व ग्रामीण 20 किमी दुर भीण्डर जाना पसंद नहीं करते। बल्कि अपने काम के लिए करीब 65 किमी दुर उदयपुर जाना पंसद करते है। कई बार समस्या को उजागर करने के बाद भी स्थिति जस कि तस है। जिसकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। खस्ताहाल सड़क होने के कारण हर रोज गिरकर लोग चोटील होते हैं। और माह में 1-2 मौत हो जाती हैं। ग्रामीणो का कहना है कि अगर भीण्डर -पाणुन्द मार्ग जो की खस्ताहाल है। अगर सही हो जाता है ,तो हमे राहत कि साहस मिलेगी।
हर रोज 500 से अधिक लोग जाते है रोज़गार के लिए भीण्डर
भीण्डर तहसील क्षेत्र होने के बाद क्षेत्र का सबसे बड़ा कस्बा है। यह 50 से अधिक गांव को जोड़ने वाला है। और हर रोज यहा से करीब 500 से अधिक लोग रोजगार के लिए भीण्डर पलायन करते हैं।
30 मिनट का रास्ता, मगर लगते हैं घंटे
भीण्डर से पाणुन्द आने जाने का समय मात्र 30 मिनट में पुरा होता है। मगर सड़क के बुरी तरह खस्ताहाल होने के कारण वाहन चालक को करीब 1से डेढ़ घण्टे लगते हैं। जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खस्ताहाल सड़क से आए दिन खराब होती है बसे
भीण्डर पाणुन्द मार्ग पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण इस मार्ग पर एक नहीं बल्कि कई लंबी व खडी घाटीया है। और बुरी तरह खस्ताहाल होने से बसो व बडे वाहन का संतुलन बीच में बिगड़ जाता है। और वे चढाव नहीं चड़ पाती है। और रिवस आ जाते है। जिसकी वजह से यात्री बस के अंदर बैठने से कतराते है। जिस कारण ग्रामीणो का कहना है कि अगर खस्ताहाल मार्ग सही कर दिया जाए तो राहत मिलेगी।
इनका कहना है
आरएफसी योजना में यह प्रस्ताव दे रखा है, मगर बजट के अभाव में काम नहीं हो पाया है ।
-अरविंद जोशी,एक्शएन पीडब्लयुडी भीण्डर
रिपोर्ट - प्रकाश औदिच्य


