सियासी घमासान के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री ने की राहत की बौछार, लॉकडाउन से प्रभावित हुए 35 लाख जरूरतमंद परिवारों को एक हजार रुपए देने का निर्णय
कोरोना प्रकोप व सियासी घमासान के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में जरूरतमंद परिवारों के लिए राहतों की बौछार की है।
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में गहलोत सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रभावित हुए 35 लाख जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सम्बल एवं तात्कालिक राहत देने के लिए एक हजार रूपए की अनुग्रह राशि एक बार और देने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इस पर 351 करोड़ रूपए खर्च किए जाएगें।
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रभावित हुए 35 लाख जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सम्बल एवं तात्कालिक राहत देने के लिए एक हजार रूपए की अनुग्रह राशि एक बार और देने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इस पर 351 करोड़ रूपए खर्च होंगे। #Rajasthan— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 21, 2020
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होटल एवं टूर ऑपरेटरों को गहलोत सरकार ने दी राहत
साथ ही टिट्ट के माध्यम से गहलोत ने बताया कि बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि कोविड-19 महामारी के कारण पर्यटन एवं होटल व्यवसाय व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है। यह सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। साथ ही इस क्षेत्र से लाखों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।
मंत्रिपरिषद ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन स्कीम-2019 के तहत पर्यटन, होटल एवं मल्टीप्लेक्स सेक्टर की इकाइयों को एक वर्ष के लिए अतिरिक्त लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत 31 दिसम्बर, 2020 तक सेवा शुल्क एवं आर्थिक किराए की राशि एकमुश्त जमा करवाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत की छूट, आवंटित भूखण्ड पर गतिविधि प्रारम्भ करने के लिए दी गई अवधि में हुई देरी के नियमितिकरण पर लगने वाले प्रभार में छूट मिल सकेगी।
भूखण्डों पर गतिविधि प्रारम्भ करने की अवधि छूट
साथ ही इसी प्रकार जिन भूखण्डों पर गतिविधि प्रारम्भ करने की अवधि एक मार्च, 2020 से 30 सितम्बर, 2020 तक समाप्त हो रही है, उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त समय देने पर लगने वाले प्रभार में छूट दी जाएगी।
सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य सावधानियों के साथ पुनः परिवहन संचालित करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य सावधानियों के साथ पुनः संचालित करने का निर्णय लिया। इसके तहत प्रदेश में सिटी बसों एवं ऑटोरिक्शा का संचालन शुरू हो सकेगा और आमजन को आवागमन में सुविधा होगी।
साथ ही निर्णय किया गया कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में प्रतिवर्ष मिलने वाली सवा 2 करोड़ रूपए की राशि में से विधायक आगामी 2 वर्ष तक चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर प्रतिवर्ष 1 करोड़ रूपए तथा शेष सवा करोड़ रूपए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगे।
पूर्व में विधायक कोष की सम्पूर्ण राशि दो वर्ष तक चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर खर्च करने का निर्णय किया गया था। मंत्रिपरिषद ने इसमें संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

