छोटीसादड़ी। तहसील के सामने ही ईमित्र पर लूट रहे थे लोग, एसडीएम ने छापा डाला तो मचा हड़कम्प
छोटीसादड़ी। ईमित्र आम आदमी की सुविधा के लिए हैं या उसे लूटने के लिए?
ये सवाल आज कल हर किसी के जेहन में उमड़ रहा है। खासतौर से वे बेरोजगार व ग्रामीण क्षेत्र के लोग तो रोजाना लूट के शिकार बन रहे हैं जिन्हें अक्सर किसी न किसी काम के लिए ई-मित्र केन्द्रों की चौखट पर जाना पड़ रहा है। छोटीसादड़ी में संचालित ई-मित्र सेवा केन्द्र प्रशासन के नियंत्रण से दूर होकर आजमन को मनमर्जी से लूट रहे हैं।
शहर के कई इ-मित्र संचालक मनमाने तरीके से निर्धारित शुल्क से कई गुणा अधिक शुल्क लोगों से वसूलने में लगे हैं।दरअसल, एक व्यक्ति ने उपखंड अधिकारी बिंदुबाला के समक्ष पेश होकर ईमित्र संचालक के खिलाफ निर्धारित दर से अधिक रुपए लेकर जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत तुरंत तहसीलदार गणेशलाल पांचाल, सूचना सहायक मदनलाल, भंवरलाल मेघवाल को लेकर तहसील के सामने स्थित सांवरिया ईमित्र सेवा केंद्र पर पहुंची।
ईमित्र पर काम के लिए आने वाले लोगों को रसीद नहीं दी जाती है। ईमित्र संचालक द्वारा जाति प्रमाण पत्र के आवेदन संबंधित कार्यालय में जमा नहीं कराए जा रहे थे तथा आवेदन पत्र ईमित्र पर ही अस्त-व्यस्त पड़े मिले। विभिन्न योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन किया गया हैं। उनके असली दस्तावेज मौके पर पाए गए। एक ईमित्र पर 13 लोगों की आधार कार्ड, 4 भामाशाह कार्ड, एक बैंक पासबुक भी मिली। यहां निर्धारित दरों से अधिक वसूली की जा रही थी। इसको उपखंड अधिकारी ने गंभीरता से लिया। दोनों ही मित्रों के खिलाफ कार्रवाई तथा इनका लाइसेंस निरस्त करने के लिए उपखंड अधिकारी ने जिला कलेक्टर को लिखा है। वहीं तहसील के सामने स्थिति मित्रों पर एसडीम की कार्रवाई के बाद दूसरे ईमित्र संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ ईमित्र संचालक तो केंद्र छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
रिपोर्ट - लोकेश जणवा

