प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक प्रसंग
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| Source: Wikipedia - Narendra Modi |
17 सितंबर, 1950 में वडनगर गुजरात के बेहद साधारण परिवार में नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था। चाय बेचने वाले से देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर मुश्किलों भरा भी रहा हैं। आज नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे मशहूर नेताओं के गिनती में आते हैं।
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर
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| Source: Narendra Modi in RSS |
बचपन से ही उनका संघ की तरफ खासा झुकाव था। 17 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ले ली थी। 1980 के दशक में जब मोदी गुजरात की भाजपा ईकाई में शामिल हुए और वर्ष 1988-89 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी की गुजरात ईकाई के महासचिव बनाया गया। नरेंद्र मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में अहम भूमिका अदा की। 1995 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। इसके बाद 1998 से 2001 तक वह संगठन के महासचिव रहे। 2001 में केशुभाई पटेल को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद मोदी को गुजरात का सीएम बना दिया गया। उसी समय गुजरात में भूकंप आया था जिसमें 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
मोदी के सत्ता संभालने के लगभग पांच महीने बाद ही गोधरा रेल हादसा हुआ जिसमें कई हिंदू कारसेवक मारे गए। इसके ठीक बाद फरवरी 2002 में ही गुजरात में मुसलमानों के खिलाफ़ दंगे भी भड़क उठे। मोदी पर आरोप लगे कि वे दंगों को रोक नहीं पाए और उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी में उन्हें पद से हटाने की बात भी शुरू हो गई। तब उस समय उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उनका समर्थन किया।
इसके बाद भी राज्य की राजनीति पर उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। 2007 के विधानसभा चुनावों में विकास को मुद्दा बनाया और अपनी जीत दर्ज की। फिर 2012 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा गुजरात विधानसभा चुनावों में विजयी रहे और अब केंद्र में अपने नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं।
नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बाते
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| Source: Divyaastha |
1. नरेन्द्र मोदी 5 भाई-बहन हैं। नरेन्द्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था। नरेन्द्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी।
2. नरेंद्र मोदी वड़नगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे। नरेन्द्र मोदी स्कूल में औसत छात्र थे। नरेन्द्र मोदी बचपन में स्कूल में एक्टिंग, वाद-विवाद, नाटकों में भाग लेते थे। वह एनसीसी में भी शामिल हुए।
3. नरेन्द्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए और बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे। वह हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ भी रहे। दो साल बाद जब वह हिमालय से वापस लौटे तब उन्होंने संन्यास जीवन त्यागने का फैसला लिया।
4. हिमालय से लौटने के बाद मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर अहमदाबाद की कई स्थानों पर चाय की दुकान भी लगाईं। उन्होंने हर कठिनाई को सहते हुए चाय बेची।
5. नरेंद्र मोदी बचपन से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे। वह बहुत मेहनती कार्यकर्ता थे। आरएसएस के बड़े शिविरों के आयोजन वहीं किया करते थे। आरएसएस नेताओं का ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास होता था। नरेन्द्र मोदी बाद में घर छोड़कर संघ के प्रचारक बन गए। नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद संघ मुख्यालय में रहते थे और वहां सारे छोटे काम करते जैसे साफ-सफाई, चाय बनाना, और बुर्जुग नेताओं के कपड़े धोना शामिल है।
6. नरेंद्र मोदी शाकाहारी हैं। उन्होंने सिगरेट, शराब को कभी हाथ नहीं लगाया।
7. अठारह साल की उम्र में नरेन्द्र मोदी का विवाह उनकी मां ने बांसकाठा जिले के राजोसाना गांव में रहने वाली जसोदा बेन से किया गया था।
8. नरेन्द्र मोदी कोई भी नया काम शुरू करने से पहले अपनी मां का आशीर्वाद जरूर लेते हैं।
9. नरेन्द्र मोदी हर छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखते हैं। जैसे भाषण से पहले उसकी तैयारी करना, बालों, कपड़ों की स्टाइ ल ।
10. नरेन्द्र मोदी समय के बड़े पाबंद हैं। नरेन्द्र मोदी सिर्फ साढ़े तीन घंटे की नींद लेते हैं, वह सुबह 5.30 बजे उठ जाते हैं।
11. लालकृष्ण आडवाणी को नरेन्द्र मोदी का राजनीतिक गुरु माना जाता है।
12. नरेंद्र मोदी पतंगबाजी के शौकीन हैं। सियासत के आसमान की तरह वे पतंगबाजी में भी अच्छे पतंगबाजों की कन्नियां काटते हैं।
13. गुजरात दंगों के दाग के कारण वर्ष 2005 में मोदी को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया था।
14. नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। ट्विटर और फेसबुक पर उनके कई फॉलोअर्स है।
15. मोदी ने राजनीति शास्त्र में एमए किया हैं।



