1 सितम्बर से नए टू-व्हीलर/फोर-व्हीलर वाहन होंगे मेहेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश ।
1 सितंबर से नया टू-व्हीलर या 4-व्हीलर खरीदने पर एक के बजाय पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीमा रेगुलेटर आईआरडीए (IRDAI) ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे नई मोटरसाइकिल, स्कूटर, कार आदि की ऑन-रोड कीमत में 3,000 से 10,000 रुपए तक बढ़ सकती है।
दरअसल हुआ ये है कि, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के चलते सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि अब नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक सितंबर से नए दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन कराते समय पांच साल और चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय तीन सालो के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना अनिवार्य होगा।
| सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया, (Image redit-zeenews.india.com) |
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस नए नियम से दुर्घटना पीड़ितों को कुछ मुआवजा मिल पाएगा। न्यायालय ने बीमा कंपनियों अथवा बीमा रेगुलेटर आईआरडीए से कहा है कि देश में हर मिनट में तीन आदमी सड़क दुर्घटनाओं के चलते मरते हैं, ऐसे में इस मामले को कामर्शियल के जगह मानवीय नजरिये से देखना जरूरी है।
उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के.एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता में बनी कमिटी ने यह सिफारिशें दाखिल की है कि वाहनों की बिक्री के वक्त किये जाने वाले थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को एक साल से बढाकर क्रमश: पांच साल और तीन साल तक अनिवार्य किया जाए।
मोटर वाहन कानून के तहत थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर या थर्ड पार्टी इंश्योरेंस तीसरे पक्ष के बीमा से संबंधित है। जब मोटर दुर्घटना होती है तो इसमें बीमा कराने वाला व बीमा कंपनी के अलावा जो एक तीसरा पक्ष होता है, जो प्रभािवत होता है, यह प्रावधान उस तीसरे पक्ष यानी थर्ड पार्टी के दायित्वों को पूरा करती है।
इस पॉलिसी के तहत दुर्घटना में तीसरे पक्ष की मृत्यु होने तथा उसके घायल होने की स्थिति में उसे मुआवजा दिया जाता है। यह कानूनी तौर पर अनिवार्य है इसलिए अब हर साधारण बीमा कंपनी को इसके लिए प्रावधान करना है। इंश्योरेंस जगत कि कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है परन्तु इतनी कम अवधी में नयी व्यवस्था करना और कीमते तय करना थोड़ा कठिन हो सकता है ।
