मेनार मे होगी होली के तीसरे दिन 22 मार्च को बारूद की होली , जमेगी तलवारों जबरी गैर, मेनारवासी 500 साल पुरानी परंपरा का कर रहे है निर्वहन
भीण्डर । दुनिया भर में होली के अनेक रंग है कहीं फूलों से तो कही रंगों तो कही लठमार होली खेली जाती है लेकिन उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील के बर्ड विलेज मेनार मे होली के तीसरे दिन बारूद से होली खेली जाएगी उस दिन पूरी रातभर बंदूकें गरजेगी। यूं तो मेनार ब्राह्मणों का गांव है लेकिन मेवाड़ में मेनार के मेनारिया ब्राह्मणों को ब्रह्मा क्षत्रिय कहा जाता है। इस बार होली के तीसरे दिन 22 मार्च शुक्रवार को मेनार में बारूद की होली होगी। मेनार मे 500 साल पुरानी इस परंपरा का आज भी निर्वहन किया जा रहा है। मेवाड रियासत काल में मेनारिया ब्राह्मणों ने जमरा बीज के दिन ही मुगलों की चौकी पर हमला कर उसे तहस-नहस कर दिया था। मुगलों पर विजय के उपहार में तत्कालिन महाराणा ने मेनार को 17वें उमराव की उपाधि प्रदान की थी। यही नही, मेनारवासियों से 52 हजार बीघा जमीन पर लगान तक नही वसूला गया। मेवाड़ के महाराणा अमरसिंह प्रथम ने मुगलों पर विजय की खुशी में मेनार के ग्रामीणों को शौर्य के उपहार स्वरूप शाही लाल जाजम, नागौर के प्रसिद्ध रणबांकुरा ढोल, सिर पर किलंगी धारण करने का अधिकार प्रदान किया जो परंपरा आज भी कायम है। गां...