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भीण्डर: शुरू हुआ अजमीढ़ जयंती समारोह

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सोमवार से शुरू हो चुका है महाराजा अजमीढ़ जयंती समारोह। आज से पदमपुरा स्थित स्वर्णकार समाज भवन में होने वाले इस समारोह के कई कार्यक्रमों होंगे। दोपहर 3 बजे रंगोली प्रतियोगिता, रात्री 8 बजे गरबा नृत्य, 23 अक्टूबर 3 बजे से मेहंदी प्रतियोगिता, शाम 7 बजे से फैंसी ड्रेस एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता और 24 अक्टूबर बुधवार सुबह 11 बजे से महाराजा अजमीढ़ की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा के बाद दोपहर 3 बजे से जन्म जयंती समारोह आयोजित होगा। अब अपने व्हाट्सएप पर सभी स्थानीय अपडेट प्राप्त करें ,  क्लिक करे आज के सभी समाचार अमृतसर में राणव दहन के दौरान बड़ा रेल हादसा, 50 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका   (पूरा पढ़े >) विजयदशमी पर ग्रह मंत्री जवानो के संग  (पूरा पढ़े >) कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के बड़े भाई कंवर सेन गहलोत का निधन  (पूरा पढ़े > ) बचे कैश की किल्लत से, आने वाले 2 महीनों में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक  (पूरा पढ़े >) बंद मकानों में घुसकर करी लाखों की चोरी  (पूरा पढ़े > ) कानोड़ : हथियारों के साथ रूटमार्च  (पूरा पढ़...

कानोड़ परिचय, भूगोल एवं इतिहास

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कानोड़ परिचय कानोड़ सिसोदिया वंश का एक ठिकाना है कानोड़ के पहले ठाकुर और परिवार के संस्थापक कुंवर अजा , मेवाड़ के महाराणा लखाजी के पुत्र थे . मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह द्वितीय ने 1711 ईस्वी में महाराव सारंगदेव द्वितीय को कानोड़ ठिकाना दे दिया . यह स्वतंत्रता से पहले ठिकाना था कानोड़ के वर्त्तमान ठाकुर (20 वे ) 2011 से रावत योगेश्वर सिंह हैं . कानोड़ महल कानोड़ के मध्य में स्थित है. कानोड़ महल महाराज सारंगदेव और उनके परिवार का शाही निवास है राजपूताना के कला और डिजाइन में महल सुन्दर रूप से बनाया गया है महल का कुल क्षेत्र 1,50,000 वर्ग फुट है महल के तीन प्रमुख भाग हैं 1. सारंग विला 2. नाहर विला 3. केसर विला कानोड़ राजमहल ainiyukut जिसे रावत श्री कनासिंगा सिंह द्वारा कानोड़ के दक्षिणी हिस्से में शिकारवाड़ी के पास स्थापित किया गया था , शहर के लिए पीने के पानी का एक प्रमुख स्रोत है . कमल वाला तालाब शहर के पास एक तालाब है . पुराने समय में सुन्दर कमल फ...
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